Friday, November 12, 2010

प्यारमें हदसे गुजर जानेकी है जिद



सिर्फ
आसमाँको छुनेकी तमन्ना भर नही
सितारों से आगे निकल जानेकी है जिद
सिर्फ मंजिलको पानेकी तमन्ना भर नही
मंजिलों से आगे कारवां बनानेकी है जिद
सिर्फ अपनोंके सायेकी तमन्ना भर नही
गैरोंको अपना बनानेकी है जिद
सिर्फ प्यार करनेकी तमन्ना भर नही
तेरे प्यारमें हदसे गुजर जानेकी है जिद

Sunday, September 20, 2009

तुम्हारा हर रूप प्यारा लगे



रंग
बदलते देखा है तुम्हे
मौसम की तरह
कभी शोला कभी शबनम
कभी धुप कभी मद्धम
कभी अपने कभी पराये
कभी दूर कभी साये
पर हम भी है मजबूर ,
हमें हर मौसम न्यारा लगे
तुम्हारा हर रूप प्यारा लगे

Tuesday, January 13, 2009

आज फलकमें चाँदको देखा



आज फलकमें चाँदको देखा
मुरझायेसे, खामोश
बादलोंके बिचसे निकल
रौशनी फैलानेको बेकरार
पर, कोशिशे बेकार हो रहीथी
बादलोने सोच रख्खा था
की जमके बरसेंगे आज
चांदके दीदारको लोग तरसेंगे आज
चांदको मालुमथा
अभिलाशाओंकी कोई सीमा नही होती
और नही होता
कोशिशों का कोई बिकल्प
सो बारिसोके रुकतेही
फिरसे रौशनीमें नहानेका
उसने लिया संकल्प